IXth सतत पर्वत विकास सम्मेलन

 इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव (IMI) 11 से 14 दिसंबर 2020 तक नौवां सस्टेनेबल माउंटेन डेवलपमेंट समिट (SMDS) आयोजित कर रहा है। चर्चा के विषयों में प्रवासन और स्थानीय अर्थव्यवस्था, जल सुरक्षा और जलवायु-लचीला भविष्य, कृषि क्षेत्र के लिए अभिनव समाधान, डिजिटल अवसर और हरित भविष्य शामिल हैं।

पंजीकरण लिंक: https://e3170.hubilo.com/community/#/login

प्रत्येक दिन के लिए व्यापक सत्र और पैनलिस्ट इस प्रकार हैं:

11 दिसंबर – पहला दिन

 

समय: दोपहर 3 बजे से शाम 4.30 बजे तक

 

स्वागत सत्र में वक्ता हैं एसडीएफयू के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र डोभाल; आइएमआइ के अध्यक्ष श्री पी.डी. राय; आईसीआईएमओडी के डीडीजी डॉ. एकलव्य शर्मा; मेघालय के माननीय मुख्यमंत्री श्री कोनराड के. संगमा; और उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत।

 

समय: शाम 4.40 बजे से 6.10 बजे तक

 

सत्र का विषय: प्रवासन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाएँ

 

प्रवासन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सत्र के लिए पैनलिस्ट हैं बी. के. जोशी, उत्तराखंड राज्य वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष; सुश्री नम्रता रावत, बॉन विश्वविद्यालय की शोध छात्रा; डॉ. डॉली किकॉन, ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय में वरिष्ठ व्याख्याता; नागालैंड सरकार के नागालैंड जीआईएस केंद्र के परियोजना निदेशक श्री मथुंग किठान; राजीव गांधी फाउंडेशन की सीईओ और निदेशक डॉ. विजय महाजन; आईसीआईएमओडी की क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री ननकी कौर; और निवेश और विकास प्राधिकरण नागालैंड (आइडान) के सीईओ एलेम्टिमेसी जमीर।


12 दिसंबर – दूसरा दिन

 

समय: दोपहर 3 बजे से शाम 4.30 बजे तक

 

सत्र का विषय: भारतीय हिमलायी क्षेत्र के लिए जल सुरक्षा और जलवायु लचीला भविष्य

 

जल सुरक्षा और जलवायु-लचीला भविष्य पर सत्र के लिए वक्ता हैं श्री एसटीएस लेप्चा, आईएफएस और उत्तराखंड के वनों के भूतपूर्व प्रधान मुख्य संरक्षक; स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन के एससीए हिमालय के टीम लीडर डॉ. मुस्तफा खान;आईसीआईएमओडी में वरिष्ठ जल प्रबंधन विशेषज्ञ श्री संजीव भूचर; आईएमआई के सदस्य और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री रमेश नेगी, पार्षद; हिमोत्थान सोसाइटी में पानी और सफ़ाई पर काम कर रही टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. सुनेश शर्मा; नोर्थ ईस्ट इनिशटिव डिवेलप्मेंट एजेंसी (एनईआईडीए) की राज्य समन्वयक सुश्री सेंटिमोंगला केचुचर; टेरी स्कूल ऑफ एडवांस स्टडीज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनय सिन्हा; और टाटा ट्रस्ट्स और स्प्रिंग्सहेड मैनेजमेंट कंसोर्टियम (एसएमसी) – उत्तराखंड के सदस्य सचिव श्री विनोद कोठारी।

समय: दोपहर 3 बजे से शाम 4.30 बजे तक

 

सत्र का विषय: कृषि क्षेत्र के लिए नवीन समाधा

 

फार्म सेक्टर के लिए नवीन समाधान पर सत्र के वक्ता हैं गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के निदेशक डॉ. आर एस रावल; निरौला चाय से श्री भवेश निराला; नॉरफेल से श्री फुरपा शेरिंग; फार्मटूयू  से सुश्री सना मसूद; ओल्ड हिल से श्री नितिन दयालु; एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएट्स से श्री नीचूट डोलो; और सर्ग की सीईओ सुश्री बिनीता शाह।

समय: शाम 4.40 बजे से 6.45 बजे

 

सत्र का विषय: आपदा जोखिम में कमी (DRR) और भारतीय हिमलायी क्षेत्र में जलवायु-लचीला भविष्य

 

आपदा जोखिम में कमी और भारतीय हिमलायी क्षेत्र में जलवायु-लचीला भविष्य पर सत्र के वक्ता हैं पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग में स्थित सेव द हिल्स के संस्थापक श्री प्रफुल्ल राव; देहरादून में स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ कलाचंद सैन; मिजोरम राज्य आपदा प्रबंधन और पुनर्वसन विभाग के सहायक निदेशक डॉ लालरोकिमा चेन्कुआल; नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में खास कार्य के अधिकारी श्री जॉनी रुआंगेमी; फोरम ऑन डिजास्टर मिटिगेशन, आइएनएई के अध्यक्ष डॉ आर के भंडारी; राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के जीएमआर डिवीजन में प्रोफेसर और प्रमुख डॉ सूर्य प्रकाश; शेफ़ील्ड विश्वविद्यालय में इनोवेशन के प्रोफेसर और उपाध्यक्ष डॉ डेव पेटली; प्रोजेक्ट लैंडस्लिप में प्रमुख वैज्ञानिक डॉ के आर विश्वनाथन; आईएमआई में सचिव और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया में टीम लीडर सुश्री प्रियदर्शनी श्रेष्ठ; आईएमआई के सदस्य और डीएलआर प्रेरणा में विकास पेशेवर श्री रोशन राय।

समय: शाम 4.40 बजे से 6.45 बजे

 

सत्र का विषय: डिजिटल अवसर और हरित भविष्य

 

डिजिटल अवसरों और हरित भविष्य पर सत्र के लिए वक्ता हैं आईएमआई के पूर्व अध्यक्ष और और बी-एबल के संस्थापक एवं अध्यक्ष के श्री सुशील रमोला; राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन के अध्यक्ष और सीईओ श्री अभिषेक सिंह; डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन के संस्थापक-निदेशक श्री ओसामा मंज़र; बी-एबल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विशाल अमरावत; टेक उद्यमी एवं इशीप्पो के संस्थापक श्री कर्म भूटिया; किंग इंडस्ट्रीज मिज़ोरम (टीबीसी) के मिस्टर दीना चांग्ते; और उत्तराखंड सरकार के वन पंचायत प्रधान मुख्य संरक्षक सुश्री ज्योत्सना सित्लिंग।

13 दिसंबर – तीसरा दिन

 

समय: दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक

 

सत्र का विषय: संस्थागत मजबूती, साझेदारी और वित्त पोषण के अवसर

 

संस्थागत मजबूती, साझेदारी और वित्त पोषण के अवसरों पर सत्र के वक्ता हैं पीडब्ल्यूसी इंडिया में बाज़ार की पूर्व विशेषज्ञ सुश्री गुप्ता रमोला; फ्यूचरस्किल्ज़ नासकॉम से श्री वेंकटरमन उमाकांत; वर्ल्ड रीसॉर्सेज़ इन्स्टिटूट की मुख्य अर्थशास्त्री डॉ मधु वर्मा; नैनीताल बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश पंत; देहरादून में स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ कलाचंद सैन; नरोपा फैलोशिप के सह-संस्थापक श्री प्रमथ राज सिन्हा; और फैकल्टी ऑफ बिजनेस, फ्लेम यूनिवर्सिटी के डीन श्री द्वारिका प्रसाद उनियाल।

 

समय: शाम 4.10 बजे से 6.10 बजे तक

 

सत्र का विषय: पर्वतीय विधायक की बैठक

 

पर्वतीय विधायक की बैठक में सत्र के लिए पैनलिस्ट हैं आईएमआई के अध्यक्ष और सिक्किम से लोकसभा के  पूर्व सांसद; शिलांग से माननीय सांसद श्री विंसेंट पाला; पीएचएफआई के अध्यक्ष डॉ के श्रीनाथ रेड्डी; हॉलिडे आईक्यू और पर्यटन क्षेत्र के संस्थापक एवं थॉट लीडर श्री हरि नायर; आईएमआई की पूर्व सचिव और भूतपूर्व आईआरएस सुश्री फेंट्री जसवाल; और आईएमआई के उपाध्यक्ष और यूकोस्ट के महानिदेशक डॉ राजेंद्र धोबल।

 

14 दिसंबर – चौथा दिन

 

समय: दोपहर 3 बजे से शाम 5.30 बजे तक

 

अंतिम सत्र में वक्ता हैं गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के निदेशक डॉ. आर एस रावल; एसडीएफयू के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र डोभाल; चौदहवें राज्य वित्तीय आयोग के अध्यक्ष और उत्तरांचल के पूर्व मुख्य सचिव डॉ इंदु कुमार पांडे; आईएमआई की पूर्व सचिव और भूतपूर्व आईआरएस सुश्री फेंट्री जसवाल; 2020 के डॉ. आर.एस.टी. पुरस्कार से सम्मानित डॉ. अजय रावत; आईएमआई की सचिव सुश्री प्रियदर्शनी श्रेष्ठ; आईएमआई की सदस्य डॉ. लालबिंबमाया नगेन्ते; और एसडीएफयू के सदस्य श्री कृष्ण रौतेला।


सम्मेलन के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप यहां क्लिक कर सकते हैं और शिखर की विवरणिका को देख  सकते हैं।

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