पवलगढ़ में सामुदाय आधारित पर्यटन: एक आशा की किरण

हमेशा से ही पर्यटन प्रोत्साहित क्षेत्र रहा है। जिसने राजस्व लुप्त होती प्रजातियों का संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को पुनः जीवित किया है। केवल आज के समय में ही “अधिक पर्यटन” के नकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं। जैसे कि बहुत ज्यादा मात्रा में पर्यटकों का एक ही स्थान पर जाना। स्थानीय समुदाय के लोग अपनी ज़मीन को होटल व्यवसायकों को बेच रहे हैं, जंगल पर्यटकों के वाहन से जाम हो जाते हैं, पर्यटकों को अधिक भीड़ के कारण वन्यजीवों को देखने में परेशानी हो रही है और वन्यजीवों के पतन के साथ ही यह प्राकृतिक पारिस्थितिकी “अधिक पर्यटन” का संकेत है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भारत के सबसे संरक्षित पार्कों में से एक है। जिसमें 164 बाघ और 600 से अधिक हाथी हैं जो कि अधिक पर्यटन को दर्शाता है। पवलगढ़ प्रकृति प्रहरी (पीपीपी) एक अनोखा मंच प्रदान करता है जहां व्यक्तिगत घर के मालिक एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाते हैं जिससे PPP द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों को माना जाता है और PPP द्वारा दिए गए लाभों को लिया जाता है। भारत में यह वास्तव में सामुदायिक आधारित पर्यटन में से एक नवाचार है।

पवलगढ़ संरक्षण रिज़र्व, जो कि बड़े बाघपरिदृश्य का भाग है, वह कॉर्बेट से आधे घंटे से अधिक नहीं है। 2012 में स्थापित हुआ, पवलगढ़ में जंगलों की अधिक प्रणाली है। स्तनीयजन्तु और पक्षियों की कई प्रजातियाँ हैं, इसके नज़दीक ही इको हैरीमैन होम-स्टे है जो पर्यटकों को कई तरह की गतिविधियां पेश करता है। जैसे प्राकृतिक टहलना, कैंपिंग, साहसिक गतिविधियाँ और पारंपरिक खेल। 

राज्य में अद्भुत पक्षी विभिन्नता के साथ, वन्य विभाग के कारण राज्य में पक्षी उत्सव एक विशेषता बन गई है जिसमें तितली ट्रस्ट कल्पवृक्ष और हिमाल प्रकृति जैसे समूह का भी योगदान है। दूसरा पक्षी उत्सव 2015 में पवलगढ़ में हुआ, जिसमें ग्रामीण युवाओं को संरक्षण से जोड़ने के लिए बढ़ावा दिया गया। जिसमें PPP का निर्माण हुआ। दिसंबर 2015 में  PPP को गैर-लाभकारी प्रकृति संरक्षण संस्था के रूप में पंजीकृत किया गया। वैकल्पिक आजीविका को बढ़ावा देने के लिए PPP प्राकृतिक संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्थाई जीविका का समर्थन करता है। जैसे होम-स्टे के माध्यम से इको पर्यटन, अनुभवी गाइड के साथ प्राकृतिक भ्रमण और स्थाई उत्पादन को बढ़ावा देना पवलगढ़ संरक्षण रिजर्व का मुख्य उद्देश्य है। यह प्रकृति विवेचन उत्पादों की बिक्री जैसे की किताब, हस्तशिल्प और चित्रों का भी समर्थन करता है। 

PPP संगठनों की सहायता से समुदाय आधारित पर्यटन के मॉडल की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा है। जिससे स्थानीय युवाओं को आजीविका मिलने की आशा है। यह सुनिश्चित करेगा कि पवलगढ़ में पर्यटन पर्यावरण के अनुकूल हो, स्थाई और प्राकृतिक संरक्षण गतिविधियों का संरक्षण करेगा। PPP व्यक्तिगत होम-स्टे के मालिकों के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर लेगा जिसमे  PPP द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तें होंगी। होम-स्टे के विपणन की ज़िम्मेदारी, ग्राहकों को जोड़ना, यात्रा कार्यक्रम की योजना बनाना, किताबों और वित्तीय प्रबंधन, होमस्टे का पंजीकरण और चल रहे प्रशिक्षण की सारी ज़िम्मेदारी PPP की होगी। होम-स्टे का मालिक बोर्डिंग और लॉजिंग, प्रकृति गाइडिंग, ग्राहकों द्वारा ली गई सुविधाओं के बिलों का भुगतान और ग्राहकों की प्रतिक्रिया भ्रमण को लेकर प्रतिक्रिया जैसे कार्यों के लिए उत्तरदायी होगा। 

पवलगढ़ में होने वाले अद्भुत काम के बारे में अधिक जानें। विकल्प संगम वेबसाइट पर, सीमा भट्ट की यह कहानी पढ़ें

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