पश्चिमी हिमालय की जैवविविधता के बारे में सीखने का मौक़ा, कश्मीर में!

क्या आप प्रकृति, पर्यावरण या सामाजिक विकास पर काम करते हैं? ATREE और कश्मीर विश्वविद्यालय आपके लिए लाते हैं एक निशुल्क कार्यशाला, उत्तर पश्चिमी हिमालय में जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन पर।

रूपरेखा: तितली ट्रस्ट

2009 में स्थापित, तितली ट्रस्ट संरक्षण शिक्षा, कार्रवाई और अनुसंधान पर काम करती है।देवलसारी और पवलगढ़ क्षेत्र में समर्थन के माध्यम से स्थानीय पारिस्थितिकी से जुड़ी स्थायी आजीविका का समर्थन करने का प्रयास करती है।

कहानी पलायन की : उत्तराखंड

पिछले एक दशक में, उत्तराखंड बड़े पैमाने पर पलायन को दर्शा रहा हैं और 950 से अधिक गाँव पूरी तरह से खत्म हो गए हैं। 3500 से अधिक गाँवों में 50 से कम की आबादी हैं।